वैदिक ज्योतिष में साढ़े साती से अधिक भयभीत करने वाला कोई शब्द नहीं है। हालांकि, शनि (शनि देव) कोई क्रूर विनाशक नहीं हैं, बल्कि वे एक निष्पक्ष परीक्षक—धर्मराज हैं जो हमारे जीवन में अनुशासन और आत्म-साक्षात्कार लाते हैं।
साढ़े साती क्या है? खगोलीय संरेखण
साढ़े साती आपके जन्म चंद्रमा से शनि का गोचर है। शनि को सूर्य की परिक्रमा करने में 30 वर्ष लगते हैं, और प्रत्येक राशि में वह 2.5 वर्ष बिताता है। जब शनि जन्म चंद्रमा से 12वें भाव में प्रवेश करता है, तो साढ़े साती शुरू होती है। जब वह चंद्रमा के ऊपर (प्रथम भाव) से गुजरता है, तो यह चरम पर होती है, और जब वह दूसरे भाव में जाता है, तो यह समाप्त होती है। 2.5 वर्ष के 3 चरण कुल मिलाकर 7.5 वर्ष बनते हैं।
