एस्ट्रोपिनच में, हमारा मूल मिशन आधुनिक वैज्ञानिक प्रतिमानों के साथ प्राचीन वैदिक ज्ञान को जोड़ना है। क्वांटम ज्योतिष परियोजना हमारे अब तक के सबसे महत्वाकांक्षी प्रयास का प्रतिनिधित्व करती है। हम एक गहन परिकल्पना की खोज कर रहे हैं: क्या दृष्टि की वैदिक अवधारणा को गणितीय रूप से क्वांटम उलझाव (quantum entanglement) की घटना से जोड़ा जा सकता है?
1. परिचय: दृष्टि की प्राचीन अवधारणा
ज्योतिष में, ग्रह केवल एक राशि या भाव में स्थित नहीं होते; वे अन्य भावों पर भी प्रभाव डालते हैं, जिसे दृष्टि कहा जाता है। उदाहरण के लिए, मंगल अपनी स्थिति से चौथे, सातवें और आठवें भाव को देखता है। बृहस्पति पांचवें, सातवें और नौवें भाव को देखता है। लेकिन इस प्रभाव का संचरण भौतिक दूरी के बावजूद कैसे होता है, यह शास्त्रीय यांत्रिकी के लिए एक रहस्य रहा है।
2. क्वांटम यांत्रिकी और गैर-स्थानीयता
क्वांटम उलझाव तब होता है जब कणों का एक समूह इस तरह से अंतःक्रिया करता है कि प्रत्येक कण की स्थिति को दूसरों से स्वतंत्र रूप से वर्णित नहीं किया जा सकता, चाहे उनके बीच की दूरी कितनी भी हो। आइंस्टीन ने इसे 'दूरी पर डरावनी कार्रवाई' (spooky action at a distance) कहा था।
हमारा शोध एक क्रांतिकारी बदलाव का प्रस्ताव करता है: दृष्टि एक भौतिक बल का संचरण नहीं है, बल्कि मैक्रोस्कोपिक उलझाव का एक प्राचीन, प्रतीकात्मक विवरण है।
